मेरे द्वारा लिखी गई मेरी प्रथम हिंदी कविताओं की पुस्तक जिसका केंद्र बिंदु, हमारे समाज और हमारे मानव ह्र्दय से समाप्त होती जा रही समाजिकता और मानवता की भावनाओ के प्रति अपनी कविताओं के माध्यम द्वारा एक प्रहार की कोशिश मात्र है।

उम्मीद है आप सब को मेरा यह प्रथम प्रयास पसन्द आएगा।

धन्यवाद।
विक्रांत राजलिवाल।

The book of my first Hindi poems written by me whose center point, our society and our humane hearts are my attempts to strike a human heart through the medium of socialism and the poem of humanity through their poems.

Hopefully all of you will like my first try.

Thank you.
Vikrant Rajlewal

#Hindi Poetry, Shayari & Story Article’s #

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