FB_IMG_1495674896147देख कर बदलते मौसम की सुर्ख लाली
उफान हैं दबी-दबी धड़कनो में एक

चेहरे पर उसके है नूर ए हुस्न का जलवा
मदहोश निगाहों में हैं कोई आग एक

लाली से हैं लबो के उसके, दिलकश ये मदहोश समा सारा
हाल ए दिल, बेहाल हैं सुनाए जो उसको दीवाना वो एक

दिल तोड़ दिया, नज़रो को फेर के अपनी
हाल ए दिल सुनने से पहले उसने वो एक

कर रहा फरियाद, चोखट पर उसके रख कर सर
हुस्न से दीदार का,अब भी दीवाना उसका वो एक…लेखन द्वारा✍विक्रांत राजलीवाल।

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