हक़ीक़त ये ख़्वाब, इश्क मेरा, एक रोज़ तुमको भी दिख जाएगा।
दर्द ए दिल, ये दर्द मेरा, एक रोज़ दिल को तुम्हारे भी तड़पाएगा।।

 

टूट के बिखर न जाना, देख-आईना-महोबत, नज़रो से दीवाना दिखाएगा।
अक्स नज़दीक से सितम, हर धड़कती-धड़कन, दीवाना जब सुनाएगा।।

खोई आरज़ू, हर बेबसियों से अपनी, एक रोज़ सामने आ-जाएगा।
दफ़न-ज़मीर सदियो से जिंदा जो सनम, ज़िंदा दीवाना कर जाएगा।।

 

अहसास ये दर्द ए जुदाई, एक आह दर्द से भरी
चिर कर दिल ये धड़कने , लहू जिगर बतलाएगी

मौसम ये हर लम्हा रुसवाई, खामोश-ज़िन्दगी ये मेरी तन्हाई।
ज़मीं ये आसमां, ए बेवफा सनम, जख्म-दिल पर दे जाएगी।।

 

चांद ये तारे, ये बहता लहू, नासूर है ज़ख्म ये जख्मी,
हर अहसास मेरे।
धोखा ये बवफ़ाई, ये महोबत का नाम, ज़हर है हर दवा, ज़ख्म-अहसासो पर मेरे।।

लेखन द्वारा विक्रांत राजलीवाल।

Hindi Poetry, Shayari & Story Article’s

 

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