क्यों ये दिल उदास है मेरा
मासूम अहसासों से अपने।

घायल है क्यों हर अहसास
सितम धड़कनो पे जो अपने।।

 

उठते है सवाल दब जाते है क्यों
नही है जवाब सवालो क्यों अपने।

ज़िन्दगी हर लम्हा है एक अजीब सी दास्तां
हर दास्तां है साथ ज़िन्दगी अधूरी क्यों अपने।।

 

खता नही ये कोई जुल्म भी नही है बेगाने
टूट गयी जो धड़कने अब साथ क्यों नही है।

हर हालत ये ज़िन्दगी, सख्त कोई पत्थर से है क्यों
टूट गए जो रिश्ते दिल से दिल के अब साथ क्यों नही है।।

 

ये मौसम, ये विरानपन, हर लम्हा जो तन्हा, हिस्सा ज़िन्दगी
दर्द सासो में मेरे, खुशनुमा ये ज़िन्दगी अब साथ क्यों नही है।

ये यादें, ये बर्बादिया, हर सास एक ज़हर, जो हालात ज़िन्दगी।
साया पास कोई मेरे, हसीन कोई नग्मा अब साथ क्यों नही है।।

लेखन द्वारा विक्रांत राजलीवाल।

Tanhaiyan

Kyu ye dil udaas hai mera
Masum ahsaso se apane

Ghayal hai kyu har ahsaas
Sitam dharkano pe jo apane

 

Uthate hai sawaal dab jate hai kyu
Nhi hai jwaab, sawalo ka kyu apane

Zindagi har lamha hai ek ajeeb si dastan
Har dastan hai sath zindagi adhuri kyu apane

 

Khta nahi ye koi zulm bhi nhi hai begane
Tut gyi jo dhadkane ab sath kyu nhi hai

Har halaat ye zindagi sakhat pathar se hai kyu
Tut gye jo rishtey, dil se dil ke, ab sath kyu nhi hai

 

Ye mousam ye veeranapan, har lamha jo tanha hissa zindagi
Dard saso me mere, khushnuma ye zindagi ab sath kyu nahi hai

Ye yaadein ye barbadiya, har sas ek jaher, jo haalat zindagi
Saya koi pass mere, haseen koi nagma, ab sath kyu nahi hai

Lekhan dwara Vikrant Rajliwal

#Hindi Poetry, Shayari & Story Article’s#

 

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