FB_IMG_1493549866623भाव-व्यवहार में है सबसे प्यारा, रक्षाबंधन का तैवहार निराला।
एक धागा, एक दुआ है जो, रिश्ता ये प्यार का, सबसे प्यारा।।

हर नारी, हर एक कन्या, उनके हर एक आँचल से, बरसता अमृत है जो।
वो ममता, वो स्नेह, मिलता है हर भाई को, एक आशीर्वाद अनमोल है जो।।

खिल खिलौने, मिठाईओ से मीठा, एक वरदान जीवन का जीवन को जो।
मा की ममता, मित्र सी मित्रता, ज्ञान गुरु सा वो, बहन हर भाई को प्यारी जो।।

रहे खुशहाल, आबाद हमेशा,महकती फुलवारी जीवन की उसकी, प्यारी है मुझ-को जो।
दुख तकलीफ़, हर काटा जीवन से गम का उसके, यही दुआ मिल जाए अब मुझको वो।।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

#Hindi Poetry, Shayari & Story Article’swriterpoetvikrantrajliwal-#

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