ॐ:
आज के दिन मैं उन सभी व्यक्तियों का शुक्रिया अदा करूँगा जिन्होंने हर पल मुझ को मेरे असली व्यक्तित्व का आईना अपने अपने नजरिए से दिखने की कोशिश करी। और मेरी आत्मा को अपना असली अक्स देख पाने के योग्य बनाया।

आध्यात्मिक मार्गदर्शक एव स्वतन्त्र विचारक विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

Adhayatam Se Mukti Tak With Supirituality Vikrant Rajliwal-

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