FB_IMG_1508433181429जख़्म मिला है दिल को धड़कनो को मेरे, दर्द ए दिल, अहसास तुम्हे भी होगा।

चीखते-अश्क़, तड़पते-जख़्म, दर्द ए दिल सुन वो बेताब धड़कने, खामोश लबो से सुना दी दास्तां महोबत जो मैने…

रचनाकार एव लेखक विक्रान्त राजलीवाल द्वारा लिखित।

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