FB_IMG_1512397127744.jpgॐ: आज के दिन इस महान मंच से मैं विक्रांत राजलीवाल उन सभी व्यक्तियों का शुक्रिया अदा करूँगा जिन्होंने जीवन के हर मोड़ पर, इस तुच्छ से जीवन के हर पल-हर क्षण मुझ को मेरे असली व्यक्तित्व का आईना अपने अपने नजरिए से दिखने की कोशिश करी और मेरी आत्मा को अपना असली अक्स देख पाने में अपना अपना योगदान अदा किया।

अंत में आप सबी महानुभवों से इतना ही कहना चाहूंगा कि अच्छा पढ़े, दिल से पढ़े और अपने लिए पढ़े क्यों कि…शुद्ध और सच्चें विचार कर देते है दूर सब मनोविकार।

लेखन द्वारा विक्रांत राजलीवाल।

Read well, read from heart and read for yourself because …
Pure and accurate thoughts give away all the psychoanalysis.

Written by Vikrant Rajliwal

धन्यवाद।

स्वतन्त्र रचनाकार, लेखक, कवि एव विचारक विक्रांत राजलीवाल।

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