Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतन्त्र लेखन-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। -स्वतंत्र लेखन-

Jan 7, 2018
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

no comments

प्रथम गीत।

मेरे द्वारा लिखित मेरा प्रथम हिंदी गाना। उम्मीद करता हु आप सब को पसन्द आए।

(सिन है एक प्रेमी युगल बिछुड़ रहा है या बुछुड़ जाते है। और प्रेमी या प्रेमिका एक दर्द भरी पुकार से करहा उठते है।)

रुक रुक रुक रुक रुककक ए हवा।
सुन सुन सुन सुन सुन सुन… तू सदा।।

महोबत को तेरी भुला न सकेंगे।
न जिंदा रहे सकेंगे, न हम मर सकेंगे।।

दर्द ए दिल, तुझ से दुआ हम करेंगे।
आईने में दिल के, तुझ को ढोंढा करेंगे।।

रुक रुक रुक रुक रुक रुक ए हवा।
सुन सुन सुन सुन सुन सुन… तू सदा।।

आ आ आ आ आ आ ए दिल-रुबा।
न जा जा जा जा जा जा तू है कहा।।

यादो को तेरी मिटा न सकेंगे।
न मिल हम सके तो, जला करेंगे।।

जुदाई से तेरी तड़पा करेंगे।
जख्म दिल के अपने कुरेदा करेंगे।

रुक रुक रूक रुक रुक रुक ए हवा।
सुन सुन सुन सुन सुन सुन… तू सदा।।

जख्मो को दिल के, सी न हम सकेंगे।
न दवा हम करेंगे, न उनको भर सकेंगे।।

फिज़ाओ में सुनी, तन्हाइयो में अक्सर।
यादो में अपनी, दुआओ में अक्सर।।

तड़प ए दिल, दिल की, गहराइयो में फिर भी मिला हम करेंगे…ए दुआ।
जागती आखो से अपने, अधूरे ख्वाबो में फिर भी, तुम को देखा करेंगे…ए दुआ।

रुक रुक रुक रुक रुक रुक ए हवा।
सुन सुन सुन सुन सुन सुन…तू सदा।।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

Seen hai premi bekhud rhe hai, ja fir bekhud jate hai.or premi dard se pukar uthta hai.

Ruk ruk ruk ruk ruk ruk ae hwa
Sun sun sun sun sun sun tu sda

Mahobat ko teri bhula n sakenge
Na jinda rhe sakenge, na hum mar sakenge

Dard ae dil, tuz se duwa hum karenge
Aaine me dil ke, tuze dunda karenge

Ruk ruk ruk ruk ruk ruk ae hwa(ya duwa)
Sun sun sun sun sun sun… tu sada

Aa aa aa aa aa aa ae dilruba
Na ja ja ja ja ja ja tu hai kha

Yado ko teri mita n sakenge
Na mil hum sake to tuta krenge

Judaai se teri, tadpa krenge
Jakhm dil ke kureda krenge

Ruk ruk ruk ruk ruk ruk ae hwa
Sun sun sun sun sun sun… le sda

Jakhmo ko dil ke, si n hum sakenge
Na dwa hum krenge, n unko bhr sakenge

Fizao me suni, tnhaaio me aksar
Yado se apni, duwao me aksar

Tadap ae dil, dil ki, gheraio se Fir bhi mila hum krenge…Ae dua
Jagti aakho se apane, adhure khwabo me fir bhi , tum ko dekha karenge…Ae dua

Ruk ruk ruk ruk ruk ruk ae hawa
Sun sun sun sun sun sun tu sda

Vikrant Rajliwal dwara likhit

#Hindi Poetry Shayari Story Article’s writerpoetvikrantrajliwal-#

Leave a Reply

Required fields are marked *.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: