Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतन्त्र लेखन-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। -स्वतंत्र लेखन-

Jan 17, 2018
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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एक एहसास सोशल मीडिया।

आज से लजभग एक डेढ़ वर्ष पूव तक मैं सोशल मीडिया से पूर्णतः अनभिज्ञ था। मुझ नही पता था कि फेसबुक या सोशल मीडिया क्या होता है, उसकी शक्ति क्या होती है या इसको उपयोग कैसे किया जाता है?

FB_IMG_1514031070821अक्सर मैं सोच करता था कि फेसबुक का उपयोग करने वाले व्यक्तिओ ने कोई खास कोर्स किया होगा या यह एक तकनीकी प्रोग्राम है या फिर पता नही समाज के तमाम व्यक्ति जो भी फेसबुक का इस्तेमाल या उपयोग करते है वह फेसबुक पर क्या करते होंगे या क्या करते है और जो भी कुछ वह करते है तो कैसे करते होंगे? क्या उन्होंने कोई खास तकनीकी ज्ञान अर्जित किया होगा? अक्सर मैं सुनता था फेसबुक एक बेहद विशाल मंच है यहाँ हर व्यक्ति अपनी बात सम्पूर्ण संसार से सांझा कर सकता है और करते है। पर कैसे इस बात से मैं पूर्णतः अनभिग्य था। परन्तु अपना पहला फेसबुक अकाउंट 2016 अगस्त के अंत में बनने के बाद और एक ही महीने मैं अपने 2 या 3 अकाउंट खो देने के बाद मुझको एहसास हो गया कि यहाँ केवल तकनीकी ज्ञान ही पर्याप्त नही बल्कि पूर्णतः चेतन अवस्ता का भी होना अति आवश्यक है अन्यथा एक भूल एक गलत जानकारी आपका अकाउंट भी छीन सकती है।

धन्यवाद।

रचनाकार विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

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