Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतन्त्र लेखन-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। -स्वतंत्र लेखन-

Jan 24, 2018
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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क़बूल है।

एक सवाल खुद से है ज़मीर मेरे यहाँ, जवाब जिसका ए वक़्त, मालूम है मुझे।

क़त्ल हर एहसास है जिंदगी मेरे यहाँ, ज़हर जिसका ए सासे, अब है कबूल मुझे।।

तड़प खुद से है जिन्दगी की मेरे यहाँ, अंजाम ए हक़ीक़त जिसका मालूम है मौत मुझे।

बेबसी भी है बेबस, तड़पते हर हालत मेरे यहां, फरमान ए जहनुम, ये ख़ुदाई है कबूल मुझे।।

रचनाकार विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

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