Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Jan 31, 2018
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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एक पुराना लेख एक एहसास।(one year ago)

🕊
💥जिस तरह सूर्य खुद को जला कर भी इस संसार से अंधकार दूर करता हैं।

उसी प्रकार एक जाग्रत मनुष्य अपने अंदर के कुविचारों की होली जला कर एक आलोकित प्रकाश उतपन करता हैं।

और अपने जीवन में एक अदभुत जीवन-आदर्श स्थापित करता हैं। जिसके प्रभाव से इस सम्पूर्ण संसार से अज्ञान-अनैतिकता का हरण हो जाता हैं।

और उस दिव्य चमक से सम्पूर्ण संसार प्रकाशमान हो जाता हैं…✍विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।(शेयर करे)

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