Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतन्त्र लेखन-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। -स्वतंत्र लेखन-

Mar 24, 2018
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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हम मनुष्य अपने जीवन के हर क्षण व्यवस्त रहते है कई बार हमारी यह व्यवस्ता निर्रथक साबित होती है। जबकि हमे पूर्ण विशवास होता है कि हमारा व्यवस्त जीवन एक दिन अवशय ही सार्थक मार्ग को प्राप्त हो हमे एक अलौकिक शांति का अनुभव प्रदान करवाएगा।

ऐसा क्यों…?

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