Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

May 25, 2018
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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सत्य-एहसास!

नाम ईष्वर से सत्य एहसास का दिव्य प्रकाश ज्वलित जो।
हर पल प्रत्येक क्षण संचालित श्वास सत्य ह्रदय से स्थापित जो।।

ईमानदारी से सत्यकर्म, कर्म वासना से कोसो दूर हर भाव व्यवहार जो।
रहे सुरक्षित जीवन ये ज्ञान, अनुकम्पा बहती ध्वनियों से प्रभु कि जो।।

रचनाकार एव कवि विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

25/05/2018 at 21:02 pm

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