गर गुज़रते हर बर्बाद लम्हो से गुजर जाए न कही हम।
गर गुजर गए गुज़रते हर बर्बाद लम्हो से कहि जो हम।।

तो याद आएंगे तुम को हर गुज़रते आबाद लम्हो से जिंदगी के क्या तुम्हारी हम।।।

जो आ जाए याद कभी भूल से तो भुला देना जिंदगी तुम हमे।
हर निसान खुशनुमा गुजरते लम्हो से जिंदगी के अपनी मिटा देना, तुम हमे।।

रचनाकार विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

11/06/2018 at 11:23

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s