Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Jun 13, 2018
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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एक दर्द एक सत्य।

आप अच्छा लिखते है। आप बहुत अच्छा लिखते है। हा यह सच है आप सब से अच्छा लिखते है।
आप के द्वारा लिखी गयी हर एक रचना आज तक के सभी रचनाकारों से अति उत्तम है।

आप की हर रचना की प्रत्येक पंक्ति ह्र्दय को चीर देती है। आप को ह्र्दय से पढ़ सके ऐसा कोई धीर ही होगा।
आप की कलम ईश्वरीय एक वरदान है।

इन सभी खूबियों से बढ़कर आप के लेखन की खूबी है परन्तु सवाल यह उठता है कि तमाम साहित्य कला मंचो पर आप को क्यों बुलाया जाए या कई भी व्यक्ति आप का लिखा हुआ क्यों पढ़े?

क्या आप किसी न्यूज चैनल पर आए है या कभी टी वी पर दिखाई दिए है। आज कल उन्ही की ज्यादा मांग रहती है जो किसी न्यूज चैनल या कभी टी वी पर दिखाई दिए हो। जब आप इनमें से कुछ नही तो कोई भी व्यक्ति आप का लिखा हुआ क्यों पढ़े।

ऐसे कई साहित्यकारों की बर्बादी की इतिहास गवाही देता है। मुंशी जी इब तक जिए मुफ़लिसी के साए में आह भरते रहे। और आज उनके नाम से लाखों रुपए की रॉयल्टी छूटती है!

एक तो आज के भर्ष्टाचार के युग मे किसी नए लेखक या कवि शायर को सही मंच प्राप्त नही हो पाता। ऐसे बहुत कम सुभाग्यशाली ही रहे होंगे जिनको की इस क्षेत्र के किसी दिगज या साधारण व्यक्ति से बिन कोई जान पहचान के सही समय पर कोई सही मंच प्राप्त हो पाया हो?

 

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