Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's

Poetry, Shayari, Gazal, Satire, drama & Articles Written by Vikrant Rajliwal

July 23, 2018
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

no comments

एक आभार एक शुक्रिया।

मैं रचनाकार विक्रांत राजलीवाल…🕊

ॐ: आज के दिन इस महान मंच से मैं विक्रांत राजलीवाल उन सभी आदरणीय व्यक्तियों एव महानुभवों का अपने ह्र्दय एक धन्यवाद एक शुक्रिया अदा करूँगा जिन्होंने इस कठिन जीवन के हर मोड़ पर, इस तुच्छ से जीवन के हर पल-हर क्षण मुझ को मेरे असली व्यक्तित्व का आईना एक दर्पण अपने अपने नजरिए से दिखने की कोशिश करी और मेरी आत्मा को अपना असली अक्स देख पाने में अपना अपना योगदान अदा किया।

अंत में आप सबी महानुभवों से इतना ही कहना चाहूंगा कि अच्छा पढ़े, दिल से पढ़े और अपने लिए पढ़े क्यों कि…शुद्ध और सच्चें विचार कर देते है दूर सब मनोविकार।

रचनाकार एव लेखक श्री विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।✒

🌹Read well, read from heart and read for yourself because …
Pure and accurate thoughts give away all the psychoanalysis.

Written by Athour & Writer Vikrant Rajliwal✒

धन्यवाद।

आपका अपना स्वतन्त्र रचनाकार, लेखक, कवि एव विचारक श्री विक्रांत राजलीवाल।✒…🕊CollageMaker_20180723_100912915.jpg

Leave a Reply

Required fields are marked *.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: