Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Jul 26, 2018
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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एहसास एव विचार।

🍂करें जो तू हिम्मत तो जहां के हर कुकृत्यों को रोक सकता है ज्यादा नही तो एक सकारात्मक बदलाव तो ला ही सकता है।

बशर्त बदलाव चाहे सकरात्मक ही क्यों न हो जनाब पहले खुद को हर बदलाव सकरात्मक के हर तीव्र प्रहार से गुजारना पड़ता है।

रचनाकार विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।✒

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