Writer & Poet Vikrant Rajliwal

Poetry, Shayari & Article's by Vikrant Rajliwal

Aug 29, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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अवसर!

अवसर! जीवन को जिंदा रखने हेतु एक उचित वातावरण प्रदान करने का अवसर एव अधिकार पर अधिकार हर एक व्यक्ति का होता है। चाहे वह वातावरण या अवसर जो जीवन को सुचारू रूप से जिवित रखता है वह भौतिक, समाजिक या भावनात्मक हो सकता है।

परन्तु इस मनुष्य जीवन मे जीवन को जीवित रखने हेतु प्राप्त अवसर एव वातावरण हर एक व्यक्ति को सहज ही प्राप्त नही हो पाता। कभी कभी जो सत्य मार्ग सत्य कि दिव्यता को पूर्णता स्पर्श करते हुए सहज रूप से गुजरता हुआ दिखाई देता है उस सत्य मार्ग पर स्वम् के व्यक्तिव के पतन अर्थात जीवन के पतन को सुरक्षित रखने हेतु स्वम् से, अपनो से अपने ही अधिकारों की सुरक्षा हेतु एक निच्छित काल तक एक धर्म युद्ध भी लड़ना पड़ता है।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
29/08/2018 at 20:15 pm

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