Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतन्त्र लेखन-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। -स्वतंत्र लेखन-

Sep 13, 2018
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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💥 सत्य है।

आपके द्वारा किया गया हर एक नेक नियत एव कठिन परिश्रम से युक्त कर्म को इस संसार या समाज के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने के लिए किसी भी अन्य प्रकार के प्रमाण की आवशयकता कदापि नही होती।

इसके विपरीत आपके उच्च कर्म से उतपन आपकी आत्मशांति के फलस्वरूप आपके व्यक्तिव में स्थापित सकरात्मक बदलाव इस संसार के समक्ष अपना दिव्य परिचय स्वम् उवलब्ध करवाते हुए अन्य व्यक्तियों के व्यक्तिव में भी एक सकारात्मक बदलाव उतपन करने कि एक क्षमता रखते है।

रचनाकार विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
13/09/2018 at 14:13 pm

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