Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतन्त्र लेखन-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। -स्वतंत्र लेखन-

Sep 20, 2018
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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🕊 ज़िन्दगी।

गलतफेमिया! जी हां गलतफेमिया, मुझ को कभी यकीन ही नही था कि इस मनुष्य जीवन मे गलतफेमिया नाम के भी कोई अहसास होते है। परंतु आज लगभग उम्र के इस पड़ाव पर कई वर्षों के जीवन संघर्ष के फलस्वरूप मुझ को कुछ कुछ अहसास हो रहा है कि हा गलतफेमिया नाम के भी कोई बेहद संगीन अहसास हम मनुष्य के जीवन मे होते है
या यूं कहो तो कही ज्यादा उचित होगा कि आज तक जी रहा था मैं जिन दर्दो तकलीफों से जूझते हुए कुछ और नही नतीज़े थे वो दरमियाँ अपनों के अपनी ही गलतफेमियो के!

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

20/09/2018 at 09:19 am

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