🌅 यह सृष्टि, यह संसार और यह सुंदर प्रकृति युगों युगों से स्वम् में एक सकारात्मक रूप से परिवर्तन हुए स्वम् के द्वारा जीवन उतपन करती आई है।

हो सकता है प्रारम्भ में आपके द्वारा अपनाया गया सकारात्मक परिवर्तन संसार में एक भय उतपन कर दे। परन्तु यह सत्य है कि सकारात्मकता या सकारात्मक परिवर्तन अपना परिचय स्वम् एक सकारात्मक विकास के द्वारा इस सम्पूर्ण ब्राह्मण के समक्ष उपलब्ध करवा देती है।
जिससे प्राणरहित जीवन मे भी प्राण उतपन हो जाते है और संसार मे जीवन का एक संचार प्रारम्भ हो जाता है।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

(कल का एक ट्विटर पर लिखा एक लघु लेख)

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