💥आप के द्वारा किए गए कर्मो या संसार व्याप्त कुविचारों की समाप्ति के लिए आपके द्वारा उठाए गाए कदमो से यह संसार प्रसन्न न होते हुए आपसे रुष्ट हो जाए। एव आपका अपने अनेक उपायों के द्वारा पुरजोर विरोध प्रारंभ कर दे।

हो सकता है प्रारम्भ में वह आपको अनदेखा भी करे तदुपरांत हो सकता है कि यह संसार आपका अपने व्यंग्यात्मक कटु व्यंग्यो के द्वारा आपको अन्य जनों के समक्ष हास्य का पात्र साबित करने की एक कोशिश करें।

अगर आप इतने से भी अपनी पराजय स्वीकार नही करेंगे। तो हो सकता है यह संसार आपके ह्रदय के भीतर विभिन प्रकार के सामाजिक एव आर्थिक प्रितबन्धों का भय उतपन करने का एक प्रयास करते हुए आपका मनोबल खण्ड खण्ड करने का पुनः एक ओर प्रयास करे।

यहाँ हो सकता है कि आपके उज्ज्वल एव मजबूत व्यक्तिव में शायद कुछ भय उतपन हो जाए। और आपको एहसास हो जाए कि जीवन और मृत्यु के माध्यम एक महीन जीवन रेखा का, जो आपके सकारात्मक एव एक उचित निर्णय शक्ति के फलस्वरूप आपको एक दृढ़ मनोबल प्रदान कर सकती है। एव आपको इस भृमित संसार मे अपने कठोर परिक्षम के द्वारा अन्य कमजोर वर्गों के जीवन में भी एक जीवन प्राण शक्ति के संचार को उतपन करने का एक अवसर प्राप्त हो जाए।

इसीलिए मनुष्य के व्यक्तिव में स्वम् के प्रति एक सकारात्मक बदलाव हेतु एक उचित न निर्णय लेने का एक सामर्थ अवश्य ही होना चाहिए। जिसके द्वारा वह स्वम् के जीवन के साथ साथ अन्य कमजोर वर्गों के जीवन मे भी एक सकारात्मक बदलाव हेतु उनके जीवन में भी जीवन प्राण शक्ति का संचार कर सके।

धन्यवाद।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

(कल का ट्विटर पर लिखा गया मेरे द्वारा एक लेख)

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