Writer & Poet Vikrant Rajliwal

Poetry, Shayari & Article's by Vikrant Rajliwal

Sep 21, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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💥 आध्यात्मिक सुधार के मार्ग।

जन्मदिवस! अक्सर हम अपने आध्यात्मिक मार्ग के प्रारम्भ के दिवस का समर्ण करते हुए उस दिव्य तिथि के दिन ही हर्षोउल्लास पूर्वक अपना जन्मदिवस, एक जश्न अन्य प्रियनो के साथ मनाते है।

परन्तु जैसे जैसे हम आध्यात्मिकता में मार्ग को ओर अधिक समीप से जानते एव महसूस करते है तो हमे ज्ञात होता है कि हमारा प्राकृतिक जन्मदिवस भी अपनी एक खास अहमियत रखते हुए हमे हमारे सम्पूर्ण जवन से अत्यंत समीप से एक अत्यंत भावुकतापूर्ण परिचय उपलब्ध करवा देता है जिससे फलस्वरूप हमारी अंतरात्मा में स्वम् को स्वम् के व्यक्तिव को एव अपने आध्यात्मिक मार्ग से उतपन हुए सुधार के मार्ग को और भी उत्तम प्रकार से समझने एव महसूस करने का एक अलौकिक दिव्य और दुर्लभ अवसर हमे सहज ही प्रदान कर देता है।

इसीलिए अध्यात्मिता से उतपन हुए सुधार के मार्ग पर चलते हुए दोनों ही प्रकार के जन्मदिवस अपना एक खास महत्व रखते है।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
(21 सितम्बर प्राकृतिक जन्मदिवस एव 6 अगस्त आध्यात्मिक जन्मदिवस)

21/09/2018 at 07:08 am

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