Author, Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal

Poetry, Shayari, Gazal, Satire, drama & Articles Written by Vikrant Rajliwal

September 21, 2018
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

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💥 एहसास एक जीवन।

इस मनुष्य जीवन का एक अटूट सत्य है कि अक्सर हम अपने जीवन और धर्म से लगाव एव प्रेम अपने जीवन और धर्म के विरुद्ध किसी भी एक या अनेक अत्याचारियों के स्वार्थी व्यक्तिव के कारण मिले भवनात्मक घावों एव उन घावों पर पुनः उन अत्यचारिओ के द्वारा प्राप्त एक ओर घाव की पीड़ा से उतपन एक सहज विरोध से ही एहसास कर पाते है कि हमे अपने धर्म एव जीवन से किस सिमा तक प्रेम है।

परन्तु इसका तातपर्य यह कदापि नही होता कि आपके इस जीवन प्रेम भाव से उन अत्यचारिओ के पापकर्म परिवर्तित हो कर सत्यकर्म का रूप धारण कर सकते है।

रचनाकार एव विचारक विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
21/09/2018 at 12:59pm

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