Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतन्त्र लेखन-

Poetry, Kavya, Shayari, Sings, Satire, drama & Articles Written by Vikrant Rajliwal

September 26, 2018
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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बदलता भारत।

आज भारतवर्ष बदल रहा है एव बदलते भारत से भारत कि बदलती सकरात्मक छवि से भारतवर्ष के समस्त विरोधी राज्य एव इस संसार के समस्त विकसित एव विकासशील राज्यों कि राजनीतिक गतिविधियों एव रणनीतियों में भारतवर्ष के लिए एक सम्मान एव स्तान का भाव सहज उतपन्न हो जाता है।

अब यह हमें सुनिचित करना है कि क्या हम अपनी इस बदलती छवि को कायम रखते हुए आपसी भाईचारे एव सहयोग से एक और नए सर्व वर्ग विकास के सिद्धांत को अपनाते हुए, इस संसार के समस्त राज्य के समक्ष एक सकारात्मक भारत को प्रस्तुत करते हुए स्वम् का विकास करे या आपसी स्वार्थ एव जाती संघर्ष कि रंजिसपूर्ण राजनीति के कारण विश्व के समस्त राज्यो के समक्ष अपनी बदलती सकारात्मक छवि को कलंकित करते हुए स्वम् का विनाश कर दे।
धन्यवाद।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखीत।

26/09/2018 at 19:00 pmFB_IMG_1534055668460 pm

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