Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's

Poetry, Shayari, Gazal, Satire, drama & Articles Written by Vikrant Rajliwal

October 14, 2018
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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एक निर्णय एक सोच।

एक अच्छी सोच, एक उचित व्यवहार आपका ही नही बल्कि सम्पूर्ण मानव-समाज के जीवन को बदल कर आत्मनिर्भर बना सकती है।

एक उचित निर्णय, उचित समय पर लिया जाय तो एक प्रकाशमयी चमत्कार से आपका ही नही, सम्पूर्ण मानव-जाति के विकास का मार्ग सुनिश्चित हो सकता है।

💥मार्ग जो सच्चाई का, चलना है उस पर ए रही अकेले ही तुझ-को।
साथ नही है साया भी तेरा, भूल गया बेशक से वो तुझ को।।

कर हौसला, दिख दे तू हिम्मत, साथ तेरे, है पास जो तेरे,
छुपा है उज्ज्वल उजाला, भीतर जो तेरे, अब तू उसको निखार दे।

जलना, जल-जल कर चलना, रुक-ना नही, काटे है पाव में तेरे, अंधकार है हर दिशा जो, कर दे उज्ज्वल, उज्ज्वल एक प्रकाश, छुपा है भीतर जो तेरे।

मिट जाएगी देह भी ये नश्वर है जो तेरी, छिल जाएंगे घाव भी घायल है जो घायल-भावो मे तेरे।

तड़पेगी ये आत्मा, घात से विश्वासों पर तेरे, सुख जाएगा कण्ठ भी व्याकुल, प्यास से प्यासा तेरे।।

कर जाएगा, रौशन तू फिर भी ये संसार, खुद ही खुद से जलते, मिटते, राह सच्चाई पर चलते हुए…

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

(Republish at vikrantrajliwal.com)FB_IMG_1530845871878

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