Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Oct 17, 2018
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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🌹 एक अधूरा फ़साना।

एक चीख सुनाई देती है आज भी अनजाने मुसाफ़िर मुझे।

ये रुकी सांसे ये ठहरी ज़िन्दगी ये एहसास ए जुदाई,
मेरे ख़ुद के नही।।

खो गए है जो एहसास न वो मेरे थे और कॉयम है जोFB_IMG_1528990311823.jpg
एहसास अभी टूटी धड़कनो में मेरे न ही ये मेरे है।

हम मिले के नही एक दूजे से एहसास बिछुड़ने से है यकीं,
न वो हमसे मीले थे और न ही हम उनसे कभी जो मिले थे।।

 विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

(Republish at vikrantrajliwal.com)

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