Writer & Poet Vikrant Rajliwal

Poetry, Shayari & Article's by Vikrant Rajliwal

Oct 21, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

no comments

एहसास

🙏 20181021_160241.pngएक बार पुनः आप सब प्रियजनों का सहयोग चाहूंगा अपने जीवन मे अपनी रचनाओ एव विचारो को लिखते हुए आप तक पहुचाने कि एक नई शुरुआत जो मैंने अपने ब्लॉग वेबसाइट vikrantrajliwal.com के माध्यम से करी है उसके सुधार और विस्तार के विषय में हर पल, हर क्षण आपका सहयोग चाहूंगा।

क्योंकि…

💥जरूरत है हर सांस को एक नई सांस की, हर धड़कन को एक नए अहसास की,

हम मुसाफ़िर है एक ही किस्ती के मेरे मांझी, ये दरिया नही आग कोई, जिसमे के डूब जाएंगे हम या के जल जाएंगे हम।

करना है सफर साथ साथ, सफर ये जिंदगानी है।
आ जाओ साथ हमारे कि बहुत तन्हा ये जिन्दानी है।।

शुक्रिया।

आपका अपना मित्र रचनाकार एव कवि-शायर विक्रांत राजलीवाल।

🖋रचनाकार विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
(उनकी कलम से)

vikrantrajliwal.com

Leave a Reply

Required fields are marked *.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: