🙏नमस्कार मित्रो प्रस्तुत है आप सब के समक्ष प्रस्तुत है उड़ान का अगला अंतिम काव्य भाग मासूम परिंदा।

आपका अधिक समय न लेते हुए यहाँ केवल इतना ही कहना चाहूंगा कि हो सके तो मित्रों कभी भी किसी बेजुबां को किसी आजादी के दीवाने को कैद करने कि कोई भी कोशिश न करना।

ऐसा क्यों? इस सवाल का जवाब शायद आपको मेरे इस काव्य को सुन कर एहसास हो जाए!🕊

धन्यवाद।

विक्रांत राजलीवाल।

यूट्यूब वीडियो यूआरएल है👉 https://youtu.be/VMKDHqLBXR0 💖

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