नमस्कार प्रिय प्रियजनों,

मित्रों जेसा कि मेने आप सभी से कहा था कि इस शनिवार रात्रि 8:00 बजे अपनी एक निविनतम अप्रकाशित काव्य व्यंग्य रचना *मंत्री जी* को आप सभी काव्य नज़्म प्रेमियों के समक्ष आपके अपने फेसबुक पेज Vikrant Rajliwal -साहित्यकार- लिंक पता है https://www.facebook.com/vikrantrajliwal85/ पर सीधे *Live* प्रस्तुत करूँगा। परंतु शायद अब ऐसा प्रतीत होता है कि अपनी इस आगामी अप्रकाशित रचना का Live आप सभी काव्य नज़्म प्रेमियों के समक्ष पाठन करने में कुछ समय और शेष है क्योंकि अभी मैंने अपनी इस अप्रकाशित रचना मंत्री जी मे कुछ फेर बदल किया है!

एव पता नही इस रचना को पूर्ण होने में कितना अधिक और समय लग सकता है क्योंकि मैं अभी अपने दो अधूरे प्रोजेक्ट्स या कहानी जिनमे से एक अति विस्तृत दर्द भरा नाटक है एव दूसरा एक विस्तृत उपन्यास है। फिर भी मैं अपने इस व्यवस्त दिनचर्या में से कुछ समय निकाल कर अपनी इस काव्य व्यंग्य किस्से मंत्री जी को भी जरूर पूर्ण करूँगा एव रचना के पूर्ण होते ही आप सभी प्रिय प्रियजनों के समक्ष Live प्रस्तुत करूँगा।

आशा करता हु आप मेरी भावनाओ का सम्मान करते हुए अभी कुछ समय तक और धीरज धारण जरूर करेंगे।

धन्यवाद।

विक्रांत राजलीवाल।

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