Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Nov 10, 2018
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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नक़ाब ए चेहरा

आज दिल ये मेरा कुछ है उदास, ढूंढ़ता है किसी अपने का साथ।

खड़ा हूँ दो-राहे पर, अजनबी है साये कई मेरे साथ।।

थामे हुए है हाथो में गुलाब, बगल में है जो उनके ख़ंजर कई साथ।

डरता है दिल-बेबसी से अपनी, धड़कनो के अपनी टूट जाने के साथ।।

दिख न जाएं चेहरा असली कही, नकाब चहरे से उनके उतर जाने के साथ।।।

रचनाकार विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
#Hindi Poetry, Shayari & Story Article’s#
(Republish at vikrantrajliwal.com)

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