Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Nov 10, 2018
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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राह ए जिंदगी।

ज़िन्दगी है एक संघर्ष का नाम।

कभी है काफिला तो कभी तन्हाई का नाम।।

छूट जाते है सफ़र ए ज़िंदगानी में साथी कई।
मिल जाते है अंजाने फिर मुसाफ़िर नए कई।।

राह ए महोबत है उस खुदाई का नाम।
बन जाते है बिगड़े जहाँ अधूरे कई काम।।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

(Republish)

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