Writer & Poet Vikrant Rajliwal

Poetry, Shayari & Article's by Vikrant Rajliwal

Nov 11, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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🌅 सुप्रभात एव हार्दिक आभार।

🙏 सुप्रभात मेरे सभी प्रिय पाठकों के लिए, सोशल मीडिया के मेरे सभी प्रिय फॉलोवर्स के लिए, मुझ जैसे एक साधारण से लेखक एव कवि-शायर से जुड़ कर मेरी तुच्छ सी रचनाओं को पसन्द कर उन्हें अनमोल बनाने वाले मेरे समस्त प्रसंशकों के लिए।

एव सुप्रभात है मेरी ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com से जुड़ कर मेरी दम तोड़ती साधारण सी कलम को भविष्य के लिए साहित्य की सेवा करने हेतु एक शक्ति एव योगदान प्रदान करने वाले उन सभी प्रिय साहित्य प्रेमियोँ एव मेरे प्रिय पाठकों के लिए।

इसके साथ ही आज मैं आपका अपना एक साधारण सा रचनाकार, एक लेखक एव एक कवि-शायर विक्रांत राजलीवाल अपनी ब्लॉग साइट्स vikrantrajliwal.com से उन सभी महानुभवों का अपने ह्रदय से आभार प्रकट करता हु जिन्होंने जीवन के हर मोड़ पर, मेरे इस तुच्छ से जीवन के हर पल प्रत्येक क्षण मुझ को मेरे वास्तविक व्यक्तित्व का दर्पण अपने अपने नजरिए से दिखाने की एक कोशिश करी और मेरी आत्मा को अपना वास्तविक व्यक्तिव देख पाने में अपना अपना अनमोल योगदान प्रदान किया।

धन्यवाद।

स्वतन्त्र रचनाकार, लेखक, कवि-शायर एव विचारक विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

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