Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Nov 13, 2018
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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🕊 एक सूचना।

नमस्कार प्रिय पाठकों एव दिलाज़िज़ श्रुताओ,

मित्रों जैसा कि मैंने आप सभी प्रिय प्रियजनों एव हिंदी भाषी साहित्य के प्रेमी पाठको से कहा था कि जल्द ही मैं आपका अपना एक साधारण सा क़लमकार एक स्वतन्त्र लेखक विक्रांत राजलीवाल अभी तक कि अपनी समस्त ब्लॉग साइट (wordpress, blogspot, tumblr) पर ऑनलाइन प्रकाशित सैकड़ो रचनाए, नज़्म, ग़ज़ल, काव्य, कविताए, लेख, गीत, व्यंग्य, किस्से यहाँ तक कि एक एक पन्ति का पुनः निरक्षण कर के उनकी तंकन में त्रुटि सुधार उपरांत अपनी सक्रिय ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com जो उस समय vikrantrajliwal.wordpress.com के नाम से थी पर पुनः प्रकाशित करूँगा जिससे आप सभी काव्य नज़्म एव हिंदी भाषी साहित्य के प्रेमियोँ को मेरे द्वारा लिखित मेरी उन समस्त ऑनलाइन प्रकाशित रचनाओ का वास्तविक आनन्द एक लुफ्त प्राप्त हो सके।

यहाँ मैं आप सभी को सूचित करता हु कि अपने वचन के अनुसार अपने एव आपके इस साहितियक कार्य को पूर्ण करने के लिए मैं रात और दिन सक्रिय रहा और बीते तीन से चार महीनों के दौरान मैने सिर्फ और सिर्फ आप सभी प्रिय काव्य, नज़्म एव सहित्य प्रेमी पाठको के लिए इस नामुमकिन से दिखने वाले कार्य को आप सभी प्रिय प्रियजनों के असीम प्रेम एव आशीर्वाद के द्वारा संम्पन कर के दिखा दिया है। मित्रो अभी तक मैं अपनी लगभग 65 % ऑनलाइन रचनाओं को पुनः प्रकाशित कर चुका हूं एव इस दौरान मेने बहुत से नवीन रचनाए भी प्रकाशित करि। जिन्हें आप सभी ने बेहद सराहा भी है। जल्द ही अपनी व्यवस्त दिनचर्या में से आपके लिए समय निकाल कर बाकी की रचनाओ को भी उनके वास्तविक स्वरूप (बिना किसी तंकन में त्रुटि के) में सिर्फ और सिर्फ आपके लिये पुनः प्रकाशित अवश्य करूँगा। जिससे आप सभी हिंदी भाषी साहित्य प्रेमिओ को मेरी उन समस्त रचनाओ का एक वास्तविक आनन्द एक लुफ्त प्राप्त हो सके।

मित्रों मेरी द्वारा लिखित मेरी आगामी रचनाए जिन्हें आप सभी प्रियजनों तक एक पुस्तक के रूप में जल्द ही अवश्य पहुँचा दिया जाएगा वह इस प्रकार से है।

1) अति विस्तृत नज़्म शायरी के रूप में बेहद विस्तृत अधूरी महोबत कि दर्द भरी दस्ताने। जो शायद आपको ग़ालिब के ज़माने में ले जाते हुए आपके धड़कते दिल को इस कदर धड़का दे कि आपका धड़कता दिल धड़कते हुए धड़कना ही भूल जाए।

2) एक अत्यंत दर्द भरा अति विस्तृत नाटक जिसमे जीवन के हर रंग (प्रेम, धोखा, मित्रता, शत्रुता एव अनेक प्रकार के पारिवारिक उतार चढ़ाव) के आपको दर्शन हो सके।

3) एक उपन्यास है।

धन्यवाद।

विक्रांत राजलीवाल।FB_IMG_1502557710340.jpg

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