Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Nov 14, 2018
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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❤ दिल लगी।

न कर सितम, कर गए सितम,
रहेम ए महोबत, दीवाने पे तेरे।

ये सुलगती फिजाएं, आलम ए जुदाई,
न कर दे कत्ल, दीवाने का तेरे।।

सफ़र ए महोबत, रुसवाई हर पल,
दाग ए बेवफ़ाई, बेहूदा सीने पे मेरे।

दम तोड़ती आरज़ू, दीदार ए सनम,
हो गया जो गुम, नज़र नज़रो से मेरे।।

रचनाकार विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

(Republish)

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