CollageMaker_20180723_100912915होता है खास दिवस प्रत्येक, आओ मिल कर साथ साथ भरे पुष्पों में रंग ए साथी, रह गए बेरंग से जो कोई।

हर स्वास है जीवित जीवन उमंग क्षण प्रत्येक, भाव मित्रता से राग सुहाना, स्थापित हर रग ह्रदय में जो कोई।।

बढ़ा कदम काँटो से कंटीले होकर, मिट जाए हर छल कपट जो घाव घिनोने।

नही मिटेगा सत्य स्वास से सत्य उजाला, छूट जाए चाहे साथ साथी का प्रत्येक।।

रचनाकार एव कवि विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
24/08/2018 at 11:30 am

(Republish)

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