Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Nov 18, 2018
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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💦 अश्क़।

FB_IMG_1530110354775.jpgये मासूम चेहरा, उस पर दर्द महोबत का अश्क़ ये चेहरे
पर जो कमसिन,
हाल ए दिल सुनाते है उसका ये सुनहरे निसान।

कर दिया कत्ल दीवाने का, ये दर्द नही असां, अब पोछ भी लो, अश्क़ ए महोबत के चेहरे से मासूम अपने,
बेदर्द ये सुनहरे निसान।।

रचनाकार विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

(Republish)

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