Writer & Poet Vikrant Rajliwal

Poetry, Shayari & Article's by Vikrant Rajliwal

Nov 24, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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💥 एहसास

जब आप किसी महत्वपूर्ण परिस्थिति के हालात एव जिमेवारी को बिना किसी पूर्व सूचना के निभाने को मजबूर हो जाते है।
परिस्थिति भी ऐसी जो आपके जीवन की एक अत्यंत गम्भीर समस्या एव बीमारी हुआ करती थी तो आप पुनः उस समस्या एव बीमारी की चपेट में आ सकते है।

ऐसा ही एक वास्तविक अनुभव मेरे लास्ट रेलेप्स का था। जब अचानक से एक पारिवारिक समारोह के दौरान मुझ पर *बार* मदिरा स्टाल व्यवस्था की जिम्मेवारी आ गई थी बिना किसी सूचना एव जानकारी के।

आज मुझे अपने उस रिलेप्स के उपरांत ईष्वर अपनी उच्च शक्ति की प्रार्थना करते हुए। एव आप सभी परिजनों के समक्ष लगातार रचनाए लिखते हुए एक वर्ष 18 दिन पूरे हो गए है।

धन्यवाद।

विक्रांत राजलीवाल।

24/11/2018 at 11:24am20181124_105338

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