वह खुश है मुझ से दूर रह कर।
वह खुश है मुझ को भूल कर।।

उसके चेहरे पर अब एक मुस्कान है मुझ से दूर रह कर।
वह मशगूल है बीच दुनिया के, मुझ को दरकिनार कर कर।।

स्वतन्त्र लेखक विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।(13/3/2018 at 21:30 pm)

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