हमेशा अपने चित्त को शांत रखते हुए अपने ईष्वर की कृपा पर विश्वाश रखते हुए।

अपने आप को हर प्रकार के व्यसनों से बचाते हुए, किसी अनुभवशाली व्यक्तित्व के समक्ष आत्मसमर्पण करते हुए।

आप प्राप्त कर सकते है अपनी खोई हुई आत्मशांति एव जीवन उन्नति का एक सुनिचित अवसर।

क्या आप तैयार है स्वम् के वास्तविक व्यक्तिव को स्वीकार करते हुए, एक ऐसे सुनहरे स्वप्न को साकार करने के लिए, जो आपको आपकी वास्तविक आत्मशांति का एक अनन्तकालीं अनुभव प्राप्त करवा सके? जिसके आप वास्तव में हकदार है।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
3/12/2018 at 00:32am20181123_164911

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