1541661922383.jpgहिंदुस्तान या भारतवर्ष में मिले हिंदी को भी विकास का अपने पूर्ण एक अधिकार।

गर्व करें हर भारतीय भाषा हिंदी पर अपने एक आत्मस्वाभिमान।।

रोजगार एव व्यवसाय तक ही रहे न सीमित कोई भाषी अब हिंदी।

संस्कार, संस्कृति एव उन्नति को एक पहचान देगी भाषा हमारी हिंदी।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

20/12/2018 08:27 am

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