Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Jan 23, 2019
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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🇮🇳 नेता जी। (सुभाष चंद्र बोष)

शौर्य एव वीरता से किया था भारतवर्ष का अपने सम्मान उन्होंने।

कर दिए थे तोड़ने को जंजीर गुलामी की प्राण निछावर देश पर अपने उन्होंने।।

नही करि स्वीकार गुलामी जुल्मी अत्याचारियों की कभी,
लड़ते रहे बढ़ते रहे राह स्वराज्य स्थापित करने को सांस आखरी तक नेता जी।

हो गए शहीद देश हित में झुके नही मगर वो कभी,
आज़ाद हिंद का सपना देकर, नाम अमर कर गए अपना, अपने नेता जी।।

जय हिंद।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
23/01/2019 at 09:10 am

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