आज का दिवस मेरे लिए एक खास महत्व रखता है एव आज का यह ब्लॉग लिखते हुए मैं अत्यधिक भावुकता एव गर्व का अनुभव कर रहा हु क्योंकि आज का यह ब्लॉग मेरा 1003वा ब्लॉग है। और यह सब संभव हो सका है तो केवल और केवल आप सभी प्रियजनों के असीम प्रेम एव अनमोल आशीर्वाद के फलस्वरूप ही यह सम्भव हो सका है।

आज मैं हार्दिक आभार प्रकट करता हु मेरे सभी प्रिय पाठकों के लिए, सोशल मीडिया के मेरे सभी प्रिय फॉलोवर्स के लिए, जिन्होंने मुझ जैसे एक साधारण से लेखक एव कवि, शायर से जुड़ कर मेरी तुच्छ सी रचनाओं को पसन्द कर उन्हें अनमोल बनाने वाले मेरे समस्त प्रसंशकों के लिए।

एव हार्दिक आभार है मेरी ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com से जुड़ कर मेरी दम तोड़ती साधारण सी कलम को भविष्य के लिए साहित्य की सेवा करने हेतु एक शक्ति एव योगदान प्रदान करने वाले उन सभी प्रिय साहित्य प्रेमियोँ, मेरे प्रिय पाठकों के लिए।

इसके साथ ही आज मैं आपका अपना एक साधारण सा रचनाकार, एक लेखक एव एक कवि-शायर विक्रांत राजलीवाल अपनी ब्लॉग साइट्स vikrantrajliwal.com से उन सभी महानुभवों का अपने ह्रदय से आभार प्रकट करता हु जिन्होंने जीवन के हर मोड़ पर, मेरे इस तुच्छ से जीवन के हर पल प्रत्येक क्षण मुझ को मेरे वास्तविक व्यक्तित्व का दर्पण अपने अपने नजरिए से दिखाने की एक कोशिश करी और मेरी आत्मा को अपना वास्तविक व्यक्तिव देख पाने में अपना अपना अनमोल योगदान अदा किया।

धन्यवाद।

स्वतन्त्र रचनाकार, लेखक, कवि एव विचारक विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

28/01/2019 at 09:07 am

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