“रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीता राम। ईश्वर अलाह तेरे नाम सबको सम्मति दे भगवान”-लक्ष्माचर्या-

आज गांधी जी की पुण्यतिथि पर मैं विक्रांत राजलीवाल उनको इस समस्त संसार मे उपस्थित उनके असंख्य अनुनायियों एव प्रेम करने वालो को साक्षी मान कर अपने ह्रदय स्वरूपी अपनी अंतरात्मा से उन्हें शत् शत् नमन: करता हु।

उनके द्वारा सत्य प्रयोग से सिद्ध सत्य वाणी एव अहिंसा का पढ़ाया पाठ आज भी इस सम्पूर्ण संसार मे शांति स्थापित करने की एक पर्याप्त शक्ति रखता है। ऐसे महान आत्मा के स्वामी महात्मा को मैं विक्रांत राजलीवाल उनकी पुण्यात्मा को इस समस्त संसार मे उपस्थित उनके असंख्य अनुनायियों एव प्रेम करने वालो को साक्षी मान कर अपने ह्रदय स्वरूपी अपनी अंतरात्मा से उन्हें शत् शत् नमन: करता हु।

“Raghupati Raghav Raja Ram Patit Pavan Sita Ram. Ishwar Allah Tere Naam Sabka Sammatda De Bhagwan”-Lakshmanacharya-

 Today, on the death anniversary of Gandhiji, Vikrant has given him many innumerable followers and loved ones present in this entire world as a witness to him and with his heart-hearted conscience.

Even the teachings taught by the truth through the use of truth, the utterance of non-violence and non-violence still hold a sufficient power to establish peace in this entire world. The master of such great soul, who gave him Mahatma as Vikrant Rajlival, his pious soul as a witness to his innumerable followers and loved ones present in this entire world, and prove him with his conscience in the form of his heart.

Written by Vikrant Rajliwal

(Translated by Vikrant Rajliwal)

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