एक समय वह भी था जब एक नवन्तुक रचनाकार एव लेखक को अपनी लेखनी, अपने शब्द, या अपनी रचनाए अपने प्रिय पाठकों तक पहुचाने के लिए अखबार घरों, या प्रकाशन घरों के कई चक्कर पर चक्कर लगाते हुए अपनी चपले घिसनी पड़ती थी।

उसके बाद भी यह आशा कम ही होती थी कि जो उस रचनाकार या लेखक ने लिखा है वह सही समय पर प्रकाशित हो उस रचना के रसिया पाठको तक पहुच सके।

एव यह सुविधा भी केवल और केवल प्रख्यात या पैसे वाले रचनाकारों एव लेखकों तक ही सीमित थी। जो अपने नाम या पैसे के बल पर अपनी रचनाओ या शब्दो को प्रकाशित करने का एक सामर्थ्य रखते थे।

उस दौर में मुझ जैसे साधारण से परिवार से सम्बंधित कोई भी रचनाकार अपनी एक रचना को प्रकाशित करवाने से पूर्व कम से कम सो बार अपनी जेब को खंगालता तदुपरांत अगर उसकी जेब मे कुछ सामर्थ्य बचता तो वह किसी नामदार व्यक्ति को ढूंढता जो उसकी वह रचना किसी अखबार या पत्रिका में प्रकाशित करवा सके। जिससे उस रचना के रसिया पाठक उस रचना का आनन्द प्राप्त कर सके।

परन्तु आज का समय या युग है इंटरनेट का, जब किसी भी नवन्तुक रचनाकार या लेखक को अपनी कोई भी रचना या शब्दो को प्रकाशित करवाने के लिए, उस रचना को उसके रसिया पाठको तक पहुचने के लिए, किसी नामदार व्यक्ति, अखबार घर या प्रकाशन घर के सामने एड़िया नही घिसनी पड़ती।

चाहे वह मेरे जैसे एक साधारण से परिवार से ही सम्बंधित क्यों न हो। आज उसके पास अपनी समस्त रचनाओ को अपने प्रत्येक शब्द को उसके रसिया पाठको तक पहुचाने की एक क्षमता, उसको इंटरनेट या सोशल नेटवर्किंग साइट ने सहज ही उपलब्ध करवा दी है। जो उसके लिए एव मुझ जैसे नवन्तुक रचनाकार के जीवन मे एक वरदान के समान ही सिद्ध हुई है।

इसीलिए आज मैं विक्रांत राजलीवाल सोशल मीडिया के इस महान मंच से इंटरनेट एव समस्त सोशल नेटवर्किंग साइट के समस्त निर्माताओं एव प्रिय पाठकों का अपने ह्रदय से एक आभार व्यक्त करना चाहूंगा। जिन्होंने आज हर रचनाकार एव लेखक को चाहे वह कोई प्रख्यात रचनाकार हो या मुझ जैसा नवन्तुक रचनाकार, उसको अपनी रचनाओ एव शब्दो को समस्त संसार के साथ साँझा करने के लिए एक महान मंच उपलब्ध करवाया है। एव भविष्य के उन आगामी नवन्तुक रचनाकारों, लेखकों, एव कलाकारों के सुनहरे भविष्य के लिए सफलता का एक मार्ग प्रशस्त किया है।

धन्यवाद।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

31/01/2019 at 13:45 pm

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