Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Feb 1, 2019
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

no comments

सकारात्मक वार्तालाप।

क्या आप कभी स्वम् से कोई भी एक सकारात्मक वार्तालाप करते है?
अगर आपका उतर हा है तो आप अपनी अंतरात्मा को बेहद समीप से महसूस अवश्य करते होंगे? एव आप के व्यक्तित्व में अपने वास्तविक व्यक्तिव को स्वीकार करने की क्षमता भी अवश्य ही होगी?

इसके विपरीत यदि आपका उतर ना है तो आप भी स्वम् से कोई सकारात्मक वार्तालाप करते हुए उपरोक्त सत्य अनुभव सहज ही प्राप्त कर सकते है।

सकारात्मक वार्तालाप के प्रभाव से शायद ही कोई जीव इस सम्पूर्ण संसार मे स्वम् को मानसिक परेशानी में महसूस करता हो? परन्तु सत्य तो यही है कि सकारात्मक वार्तालाप से जटिल से जटिल मानसिक परेशानी भी सहज ही लुप्त हो जाती है।

इसीलिए मैं विक्रांत राजलीवाल आपका अपना मित्र, दिन के 24 घण्टो में से एक बार अवश्य ही स्वम् से कोई न कोई सकारात्मक वार्तालाप अवश्य ही करता हु।

आपको मेरा यह लघु लेख कैसा लगा? एव इससे आपके जीवन मे क्या सकारात्मक परिवर्तन उतपन हुए? कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखे। जिससे अन्य जनों को भी आपके सत्य अनुभवों से लाभ पहुच सके।

धन्यवाद
विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
1/02/2019 at 09:00am

Leave a Reply

Required fields are marked *.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: