मेरी उच्च शक्ति ने किए थे उतपन केवल इस धरा पर मासूम इंसान।

आपसी स्वार्थ से बट गए बन स्वार्थी वर्गों में कई वो मासूम इंसान।।

राजनीति की यह भूख अब की नही, यह है सदियों से भी पुरानी।

बाट वर्गों में करि है सिद्धि स्वार्थो की पूर्ण अपनी, राजनेताओं की है चाल यह घिनोनी, अब की नही सदियों से भी पुरानी, सदियों से भी पुरानी…सदियों से भी पुरानी।।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

1/02/2019 at 06:47 am

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