Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Feb 4, 2019
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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❤ कुछ एहसास दिल से।

होते है जब खुश आप तो कइयों के चेहरे उदास से हो जाते।
देख कर चेहरे पर उदासी पर आपके, उन्ही लोगो के चेहरे फूल से खिल जाते है।।

जानना चाहा है करीब से हम ने आपको, पर नसीब आप है के हम ही से अपना मुँह छुपाते है।

दूरी है दरमियाँ हमारे बहुत, पर नसीब हम है के आप पर ही अपनी जो जान लुटाते है।।

होते है जब खुश आप तो कइयों का चेहरे उदास से हो जाते है।
देख कर चेहरे पर उदासी पर आपके, उन्ही लोगो के चेहरे फूल से खिल जाते है।।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
4/02/2019 at 15:30 pm

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