Author, Writer, Poet, Drama and Story Writer Vikrant Rajliwal

Poetry, Shayari, Gazal, Satire, drama & Articles Written by Vikrant Rajliwal

February 4, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

2 comments

💥 नशे को ना एव जीवन को हा कहिए।

ईश्वर ने हमको यह मनुष्य जीवन एक वरदान स्वरूप प्रदान किया है। एव हम अपने सकारात्मक कर्मो के द्वारा अपने इस मनुष्य जीवन को एक सकारात्मक रुख प्रदान कर सकते।

इस सृष्टि में बहुत ही भाग्यशाली होते है वह व्यक्ति जिनके जीवन संघर्ष से प्रेरणा प्राप्त करते हुए अनेक मासूमो के निराश एव बेजान से जीवन मे जीवित रहने की एक आशा सहज ही उतपन्न हो जाती है।

आज मैं विक्रांत राजलीवाल अपनी उच्च शक्ति को अपने जीवन संघर्ष का साक्षी मानते हुए, अपने ह्रदय से उन्हें उनकी असीम कृप्या के लिए आभार व्यक्त करता हु। एव उनसे प्रार्थना करता हु की अगर मैं अपने सम्पूर्ण जीवन मे अपने सकारात्मक एव स्वार्थहीन कर्मो के द्वारा किसी भी एक मासूम बच्चे, बूढ़े या जवान के जीवन से निराश जीवन मे एक जीवन प्रकाश की कोई भी एक किरण उतपन्न कर, उनके सुने जीवन में जीवंत जीवन ऊर्जा का संचार कर सका तो मेरा यह तुच्छ सा मनुष्य जीवन एक स्करात्मता को प्राप्त करते हुए, अपने जीवन उद्देश्य को सहज ही प्राप्त कर जाएगा।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
4/02/2019 at 10:00 am

2 thoughts on “💥 नशे को ना एव जीवन को हा कहिए।

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